
खराहल (कुल्लू)। मनाली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली पंचायत मंडलगढ़ के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम हैं। करीब डेढ़ हजार से अधिक आबादी सड़क सुविधा से वंचित है।
आलम यह है कि पंचायत के खलिहाड़, शलड़ी, चड़यागी और तराड़ गांवों के सैकड़ों बाशिंदों को आजादी के साठ साल के बाद भी सड़क सहूलियत मुहैया नहीं हो सकी है। ऐसे में ग्रामीणों को दैनिक उपयोग का सामान पीठ पर उठाकर गांव तक पहुंचाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। सबसे अधिक मुश्किल किसी के बीमार हो जाने पर हो जाती है। दुर्गम इलाकों से बीमार होने पर मरीज को गंभीर हालत में मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए चारपाई और कुर्सी पर उठाकर लाना पड़ता है। इलाके के राम लाल, कर्मचंद, प्रभा देवी और संतोष आदि का कहना है कि क्षेत्र में सड़क नहीं बनने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। देवगढ़ पंचायत के पूर्व बीडीसी सदस्य अरुण ठाकुर कहते हैं कि पंचायत के दुर्गम क्षेत्र से बीमार होने की सूरत में मरीज को चारपाई तथा कुर्सी पर बिठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। यही नहीं, ग्रामीणों को सेब के सीजन के दौरान अपने उत्पाद को मंडियों तक पहुंचाने मेें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस बाबत कई मर्तबा पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित कर सरकार तथा प्रशासन को भेजा गया, लेकिन हर बार लोगाें को आश्वासन ही मिले। पंचायत उपप्रधान रमेश कुमार ने बताया कि पंचायत की ओर से दोबारा सरकार को एक प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा। प्रस्ताव की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और विधायक को भी भेजी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि अब भी सरकार तथा प्रशासन ने गंभीर कदम नहीं उठाए तो आंदोलन करने से गुरेज नहीं किया जाएगा। इस संदर्भ में मनाली विस के विधायक गोविंद सिंह ठाकुर का कहना है कि पंचायत के लोगों की इस समस्या पर प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क बनाने के लिए तमाम पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए लोगों से सलाह मशवरा किया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण के लिए अथक प्रयास किए जाएंगे।
